Ledetekst: ek garib baccha aur dog ki 50 55 second ki storyएक गरीब बच्चा था जिसका नाम सोनू था।वो रोज़ सड़क किनारे गुब्बारे बेचता था, ताकि अपनी बीमार माँ के लिए खाना ला सके।एक दिन तेज बारिश शुरू हो गई।लोग भाग गए… लेकिन सोनू भीगता हुआ अपने गुब्बारे बचाने लगा।तभी उसे सड़क किनारे एक छोटा घायल कुत्ता दिखा।कुत्ता ठंड से कांप रहा था।सोनू के पास खुद खाने के पैसे नहीं थे,फिर भी उसने अपनी पुरानी शर्ट उतारकर कुत्ते को ढक दिया।अगले दिन वही कुत्ता उसके पीछे-पीछे घूमने लगा।अब दोनों साथ में सड़क पर रहते थे।एक शाम सोनू बेहोश होकर गिर पड़ा।तब कुत्ता जोर-जोर से भौंकने लगा।लोग इकट्ठा हुए और एक आदमी सोनू को अस्पताल ले गया।डॉक्टर ने कहा, “अगर थोड़ी देर और होती, तो जान जा सकती थी।”उस दिन सोनू समझ गया…गरीब इंसान के पास पैसा भले ना हो,लेकिन प्यार और इंसानियत सबसे बड़ी दौलत होती है।
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