यह गीत जीवन के अनजाने रास्तों पर भटकते हुए एक व्यक्ति के दिल से सवाल करता है कि उसे किस दिशा में जाना चाहिए। यह एक चिंतनशील, प्रेरणादायक गीत है।
[मुखड़ा]
ये मेरे दिल बता, ये मेरे दिल बता
कहाँ जा रहा है, किस राह चला?
मंजिल है क्या तेरी, मंज़ूर है क्या तुझे?
क्यूँ राहों पे है ये गहरा सन्नाटा?
[अंतरा 1]
हर मोड़ पे खड़ी है नई एक पहेली
क्या सही है, क्या गलत, समझ ना पाती मेरी हथेली?
उलझ गया हूँ मैं इन ख्यालों के जाल में
कोई रोशनी दिखा, मेरे दिल की सहेली।
[कोरस]
ये मेरे दिल बता, क्या है तेरा इरादा?
कब तक यूँ ही रहेगा, टूटेगा ये वादा?
चलना है किस राह पे, किस ओर है जाना?
ये सफर ज़िन्दगी का, कब होगा पूरा, आधा?
[अंतरा 2]
भीतर ही भीतर क्यूँ तू है छटपटाता?
क्या दर्द है तुझमें जो तू नहीं बताता?
खोल दे राज़ अपने, कर दे मुझे आज़ाद
क्यूँ तू किसी अनजाने डर से है घबराता?
[कोरस]
ये मेरे दिल बता, क्या है तेरा इरादा?
कब तक यूँ ही रहेगा, टूटेगा ये वादा?
चलना है किस राह पे, किस ओर है जाना?
ये सफर ज़िन्दगी का, कब होगा पूरा, आधा?
[ब्रिज]
ये दिल की बातें, दिल ही तो जाने
पर अब तो कह दे, तू कब तक छुपाए?
गर कोई गम है तो बाँट ले मुझसे
क्यूँ अपने आँसुओं को यूं ही बहाए?
[कोरस]
ये मेरे दिल बता, क्या है तेरा इरादा?
कब तक यूँ ही रहेगा, टूटेगा ये वादा?
चलना है किस राह पे, किस ओर है जाना?
ये सफर ज़िन्दगी का, कब होगा पूरा, आधा?