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Lyrics #5507

अनकही बात का राज़

यह गीत एक प्रेमी के दिल की दुविधा को दर्शाता है, जो अपने प्यार का इज़हार करने और उसके बदले में क्या मिलेगा, इस सवाल से जूझ रहा है। यह एक मधुर, भावुक प्रेम गीत है।

[मुखड़ा]
ये मेरे दिल बता, ये मेरे दिल बता
क्यों धड़कन में है ऐसी हलचल भला?
वो जब पास आए, साँसें रुक जाएँ
क्या ये प्यार है या कोई है सज़ा?

[अंतरा 1]
नज़रों-नज़रों में बातें हो जाती हैं
होठों पे फिर भी क्यों ख़ामोशी छाई?
डर लगता है मुझे, कहूँ कैसे उससे
क्या वो भी महसूस करता है यही?

[कोरस]
ये मेरे दिल बता, ओ मेरे हमनशीं
छुपाए बैठा है तू कौन सा यकीं?
कह दे ना अब तो, जो भी है सच
कहीं देर ना हो जाए, खो जाए ये पल हसीं।

[अंतरा 2]
रातों की नींदों में, ख़्वाबों में है वो
दिन भर मेरे ख्यालों में बसता है वो
उसकी एक झलक को तरसती हैं आँखें
क्या इसी को कहते हैं चाहतों का ज़ो?

[कोरस]
ये मेरे दिल बता, ओ मेरे हमनशीं
छुपाए बैठा है तू कौन सा यकीं?
कह दे ना अब तो, जो भी है सच
कहीं देर ना हो जाए, खो जाए ये पल हसीं।

[ब्रिज]
ये कश्मकश अब और सही ना जाए
इक फैसला तो कर दे मेरे दिल,
जो भी हो अंजाम, पर बात सामने आए
और मिल जाए मुझको अब तो मंजिल।

[कोरस]
ये मेरे दिल बता, ओ मेरे हमनशीं
छुपाए बैठा है तू कौन सा यकीं?
कह दे ना अब तो, जो भी है सच
कहीं देर ना हो जाए, खो जाए ये पल हसीं।

[आउट्रो]
ये मेरे दिल बता... हाँ...
Prompt: Ye mere dil bata
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